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पांढुरना के विकास को लेकर प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन, जनहित की ज्वलंत मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की गुहार*

*पांढुरना के विकास को लेकर प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन, जनहित की ज्वलंत मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की गुहार*

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना। नवगठित पांढुरना जिले के समग्र विकास, प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रभारी मंत्री एवं जिला सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनहितैषी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
सचिन (गुड्डु) कावले के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में जिले के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग-47 को अंतरराज्यीय मार्ग अमरावती से जोड़ने के लिए प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण का विजन रोडमैप जल्द तैयार करने की मांग की गई।


इसके साथ ही जल संसाधन विभाग की भूली जलाशय परियोजना का संचालन जिला मुख्यालय पांढुरना से किए जाने की आवश्यकता बताई गई, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और प्रशासनिक सुगमता बनी रहे।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जिला गठन के दो वर्ष पूर्ण होने के बावजूद कई विभागों के प्रमुख कार्यालय अब तक पांढुरना मुख्यालय से संचालित नहीं हो रहे हैं। नागरिकों ने शासन स्तर पर सभी विभागीय जिला कार्यालयों की स्थायी पदस्थापना पांढुरना में सुनिश्चित करने की मांग रखी।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विभागीय कर्मचारी नियमित रूप से छिंदवाड़ा से उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिले में उद्योग स्थापना एवं विस्थापन हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हांकन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वहीं रेल सुविधाओं के विस्तार के अंतर्गत प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाने तथा अमरावती रेलवे क्रॉसिंग पर शीघ्र ओवरब्रिज निर्माण कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में मुल्ताई तहसील को पांढुरना जिले में शामिल करने का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में रखने की भी मांग की गई। इसके अलावा श्रम, नापतौल, आरटीओ, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, पीएचई एवं आबकारी विभाग सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारियों की स्थायी पदस्थापना पांढुरना मुख्यालय में किए जाने की आवश्यकता बताई गई।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पांढुरना में चार संध्यापनी स्कूलों की स्वीकृति देने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन के माध्यम से प्रभारी मंत्री से सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई। जिलेवासियों का कहना है कि इन मांगों के पूर्ण होने से पांढुरना जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

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